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Saturday, April 13, 2024

This medicinal plant is like nectar, a panacea for gout and fever, know its medicinal properties – News18 हिंदी


रामकुमार नायक, रायपुरः हमारे देश में हजारों प्रकार के पौधे पाए जाते हैं. खासकर औषधीय गुणों से भरपूर पौधों की कोई कमी नहीं है. प्राचीन काल से इलाज के लिए आयुर्वेद चिकित्सा को महत्वपूर्ण माना जाता है. आज भी कई बीमारियों के इलाज में जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है. इन्हीं औषधीय पौधों में एक पौधा गिलोय का है. गिलोय का पौधा अमृत के समान है. गिलोय लोंगेविटी ऑफ लाइफ के अलावा वातरक्त,ज्वर रोग यानी बुखार के लिए रामबाण औषधि है. आइए हम आपको गिलोय के औषधीय गुणों के बारे में बताने वाले हैं.

शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय रायपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ राजेश सिंह ने बताया कि गिलोय को अमृत भी कहा जाता है. शास्त्र के अनुसार उल्लेख है कि जब देवताओं और दैत्यों के बीच अमृत को लेकर जब छीना झपटी हो रही थी. इसी दौरान अमृत के पात्र से कुछ बूंदे नीचे गिर रही थी. उससे गिलोय उत्पन्न हुई है.

गिलोय में सेल रिच वेनेशन यानी कोशिका समृद्ध शिराविन्यास की पावर होती है. अगर हमारे शरीर में कोई डेथ सेल है तो उसे यह ठीक कर देती है. जैसे अमृत पीने से व्यक्ति नही मरता वैसे ही गिलोय खाने से यह हमारे शरीर के कोशिका को मरने नहीं देती है.

गिलोय के जानें फायदे
डॉ राजेश सिंह ने आगे बताया कि गिलोय लोंगेविटी ऑफ लाइफ के अलावा ज्वर रोग यानी बुखार के लिए रामबाण औषधि है. गिलोय का इस्तेमाल अगर अरण्ड तेल के साथ प्रयोग किया जाए तो गाउट रोग यानी वातरक्त ठीक हो सकता है. गिलोय रसायन औषधीय है इसलिए इसे बूढ़ा, बच्चा, स्त्री यानी हर वर्ग के लोग इस्तेमाल कर सकते हैं. गिलोय शरीर रसायन भी है और मेध्य रसायन भी है.

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मेध्य रसायन का कर्म लेना है तो गिलोय के स्वरस का प्रयोग करते हैं तब मेध्य कर्म करता है यदि गिलोय के चूर्ण का प्रयोग करेंगे तो वह शरीर के रसायन का काम करता है.

Tags: Chhattisgarh news, Health News, Local18



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